वो याद आती है....!

मैं सहेज कर रखूँगा
सर्वदा उन पलों को
जब आखिरी बार
उसने अपने पूरेपन से
समेट लिया था अपने में मुझे
और दूर कहीं
हमारे मिलन की खुशी में
चहचहाने लगी थी चिड़ियाएं
ऐसा नहीं है कि
मैं भूलने की कोशिश नहीं करता हूँ उसे
भूलने की उत्कट कोशिश करता हूँ
पर भूल कहाँ पाता हूँ उसे
इस असफल कोशिश में
वह और भी उत्कटता से
याद आती है मुझे
✍रुद्र

तश्वीर-: गूगल से लिया गया

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